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~~~ Kahi Unkahi Baato Ki Ada Hai Dosti,
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~~~ Har Ranj-o-gham Ki Dawa Hai Dosti.
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~~~ Zameen Par Kami Hai Pujne Walo Ki,
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~~~Warna Is Zameen Par Khuda Hai Dosti. ~~~

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Hasrato Ki Nighon Pe Sakht Pehra Hai,

Na-jaane Kis Umeed Par Dil Thehra Hai,

Teri Chahton Ki Kasam Aye Dost,

Apni Dosti Ka Rishta To Pyaar Se Bhi Gehra Hai.

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--- Lamhe Ye Suhane Sath Ho Na Ho,

--- Kal Mein Aaj Jaisi Koi Baat Ho Na Ho,

--- Aapki Dosti Hamesa Is Dil Mein Rahegi,

--- Chahe Puri Umar Mulaqat Ho Na Ho.

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=== Dosti ki mehak ishq se kam nahi hoti,
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=== Ishq pe hi zindagi khatm nahi hoti,
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=== Agar satho zindagi mein acche dosto ka,
?
?
?
to Zindagi kisi mehkhane se kam nahi hoti.===^^^===

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Duniya Se Mile Gam To Bahut Hai,

Inn Mile Gamo Se Aankhe Num To Bahut Hai,

Kab Ke Mar Jaate Inn Ghamo Ke Sehkar,

Par Dosto Ki Duaaon Mein Asar Bahut Hai.---.

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Sri ram ji aapke ghar sukh ki barsat karen,
Dukhon ka naas karen.
Prem ki phuljhari aur anar aapke ghar ko roshan kare.
Roshni ke diye aapki jingagi me khusiya layen.
Happy deepawali…

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तन्हाइयों के गम आँखो से बहे जाते हैं
कुछ बात है दर्द में जो यूँ जीए जाते हैं
बहुत है तमन्ना कि एक मुस्कान चेहरे पे खिले
मगर तेरी उम्मीद में हम उदास हुए जाते हैं

सबको ऐतराज है दुनिया में मेरी फितरत पे
कि क्यूँ मैं तुमपे ये जाँनिसार करता हूँ
लोग कहते हैं कि सैकड़ों परियाँ हैं यहाँ
फिर जुदा होके क्यूँ तेरा इंतजार करता हूँ

दुनिया ये नहीं जानती कि जिनको दर्द होता है
वो जिस्म से नहीं, दिल से प्यार करते हैँ
और ऐसा दिल लाखों में किसी एक में रहता है
जिसमें दर्द होता है, वो सच्चा प्यार करते हैं

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सीने की गहराइयों में मुहब्बत जिंदा दफन है
उसपे बिछा मेरे जिस्म का सादा कफन है

ये मौत जिंदगी के करीब ले आई है
और जिंदगी में अब तू ही तू समाई है

अपना ही साया है ये रात का अँधेरा भी
अपना ही अक्स है ये चाँद का चेहरा भी

आज जहाँ भी रहूँ जमीं-आस्मा बदलती नहीं
शहर की रौनक से मेरी तबियत बहलती नहीं

घर-शहर-देश की सरहदें मैं नहीं जानता
मैं जानता हूँ बस तेरे दर्दे-मुहब्बत को

और आँसू के उन सच्चे कतरों को
जिसे मैंने तेरी प्यासी उदासी में देखा है

तेरे उजड़े हुए बाल और मरता सा बदन
मुझे याद है बस एक जोगन जो तेरे जैसी है

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